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इंटरमीडिएट के बाद अब मैट्रिक में भी रजिस्ट्रेशन की संख्या कम हो गयी है। इंटर और मैट्रिक दोनों की बात करें तो 3.87 लाख रजिस्ट्रेशन कम हुए हैं। इंटर में जहां इस बार 2.62 लाख रजिस्ट्रेशन कम हुए वहीं मैट्रिक में अबतक 1.25 लाख रजिस्ट्रेशन कम हुए हैं।  बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मानें तो मैट्रिक में अभी तक 13 लाख 40 हजार छात्रों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। लेकिन अभी एजेंसी से पूरी रिपोर्ट नहीं आ पायी है। एजेंसी से रिपोर्ट आने के बाद कुछ और रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़ेगी। मैट्रिक और इंटर में रजिस्ट्रेशन बढ़े, इसके लिए बिहार बोर्ड ने तीन बार रजिस्ट्रेशन की तिथि भी बढ़ाई, लेकिन इसके बाद भी वैसी बढ़ोतरी नहीं हो पायी।

एजेंसी कर रही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 

मैट्रिक के रजिस्ट्रेशन के लिए एजेंसी को लगाया गया है। प्रदेशभर के नौ में से आठ प्रमंडलों में एक एजेंसी रजिस्ट्रेशन करवा रही है तो वहीं कोसी प्रमंडल में दूसरी एजेंसी को काम सौंपा गया है। ये दोनों एजेंसियों के ऊपर नाइसा एजेंसी कंट्रोल कर रही है। एजेंसी हर प्रमंडल के जिलों में कंप्यूटर सेंटर के माध्यम से विद्यालय और महाविद्यालय के छात्रों का रजिस्ट्रेशन करवा रही है। एजेंसी के माध्यम से ही रजिस्ट्रेशन की सारी प्रक्रिया की जा रही है।
इन कारणों से रजिस्ट्रेशन पर पड़ा है असर 
– कई महाविद्यालय और विद्यालयों की मान्यता खत्म कर दी गयी
– कदाचार के डर से फ्लाइंग छात्र रजिस्ट्रेशन नहीं करवाए हैं
– रजिस्ट्रेशन के दौरान छात्रों और विद्यालयों को काफी दिक्कतें हो रही हैं
– रजिस्ट्रेशन करवाने के बावजूद चालान जमा नहीं होने से रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है
– विद्यालय को एजेंसी सहयोग नहीं कर रही है

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पिछले तीन साल में मैट्रिक का रजिस्ट्रेशन 
साल     कुल रजिस्ट्रेशन 
2014    12 लाख 17 हजार
2015    13 लाख 20 हजार
2016    14 लाख 65 हजार
2017    13 लाख 40 हजार
पिछले तीन साल में इंटर का रजिस्ट्रेशन
साल     कुल रजिस्ट्रेशन 

2014    8 लाख 11 हजार
2015    9 लाख 15 हजार
2016    10 लाख 50 हजार
2017    7 साल 88 हजार 543
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