Kulbhashan Jadhav (File Photo) | The Bihar News
Kulbhashan Jadhav (File Photo) | The Bihar News

पाकिस्तान: कुलभूषण जाधव की जान खतरे में!, ISPR ने कहा- पाक जनता को जल्द देंगे गुड न्यूज

पाकिस्तान के कब्जे में मौजूद भारतीय नौसेना के पूर्व अफसर कूलभूषण जाधव की जान को खतरा माना जा रहा है। पाकिस्तानी संस्था ‘इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस’ (आईएसपीआर) के मेजर जनरल आसिफ गफूर का कहना है कि कूलभूषण जाधव की दया याचिका अपने अंतिम चरण में है। जल्द ही पाकिस्तान की जनता को ‘गुड न्यूज’ दी जाएगी।

गफूर ने कहा, ‘कुलभूषण जाधव की दया याचिका सेना प्रमुख के पास है। एक प्रक्रिया है, हर चीज प्रक्रिया से होकर गुजरती है लेकिन मैं आश्वस्त कर सकता कि यह अंतिम फैसले के करीब है।’ भारतीय नौसेना के 46 साल के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव को पाकिस्तान की सैन्य कोर्ट ने कथित रूप से जासूसी और विध्वंसकारी गतिविधियों में संलिप्तता के लिए अप्रैल में मौत की सजा सुनाई थी। कुलभूषण पर पाक के लिए अच्छी खबर की बात को उनको जल्द फांसी या फिर किसी और तरह से उनको नुकसान पहुंचाने से जोड़कर देखा जा रहा है।

गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में गफूर ने भारत पर कई बेबुनियाद आरोप लगाए। बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन करने के बावजूद गफूर ने कहा, ‘हम भारत की तरह हम कभी भी फायरिंग नहीं कर सकते क्योंकि सीमा पार हमारे कश्मीरी भाई हैं। सीमा पार जब भी कुछ होगा तो सैनिकों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जाएगा।’ गफूर ने यह भी कहा कि युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है, इसलिए हम सभी स्तर उनसे बातचीत कर रहे हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा रविवार को काबुल के दौरे पर थे। इसके बाद आसिफ गफूर ने मीडिया को संबोधित किया।

अंतरराष्ट्रीय अदालत ने सजा पर रोक लगाई थी : 
अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत की 10 सदस्यीय पीठ ने 18 मई को मामले की सुनवाई करते हुए जाधव की फांसी की सजा के अमल पर रोक लगा दी थी। इसके जवाब में पाकिस्तान ने कहा था कि वियना समझौते में कंसुलर संपर्क से जुड़े प्रावधान आतंकी गतिविधियों में शामिल किसी जासूस के लिए नहीं है।

राजनयिक पहुंच के आग्रह को भी ठुकराया : 
पाकिस्तान ने जाधव को राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए भारत के आग्रह को भी ठुकरा दिया। 46 वर्षीय पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को पिछले साल तीन मार्च को पाकिस्तान ने गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया था।