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2003 से चल रहा था सृजन घोटाला!!!

भागलपुर का सृजन घोटाला राज्य के अब तक के सबसे बड़े घोटाले के रूप में सामने आ रहा है। इसकी जांच में कई नामचीन से लेकर सामान्य किस्म के लोग सामने आए हैं। डीजीपी डीके ठाकुर ने कहा इस सृजन घोटाले के तार वर्ष 2003 से जुड़े हैं। सृजन के पास 2003 से ही सरकारी राशि ट्रांसफर होने लगी थी। कुछ पदाधिकारियों के यहां छापेमारी के दौरान 2003 के कागजात मिले हैं, जिससे यह साबित होती है। अभी इतनी वित्तीय वर्ष की जांच पूरी नहीं हुई है, लेकिन अब तक की हुई जांच में 870 करोड़ 88 लाख रुपए की गड़बड़ी सामने आ चुकी है।

सोमवार को सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि इस घोटाले की जांच का दायरा अभी पीछे या शुरुआत के वर्षों तक नहीं पहुंचा है। इसका दायरा बढ़ने पर घोटाले की रकम और इसमें शामिल लोगों की पूरी फेरहिस्त सामने आती जाएगी। इस मामले को सीबीआई के पास राज्य सरकार ने रेफर क्र दिया है।

  • भागलपुर व सहरसा के बाद तीसरा जिला जुड़ा
  • अब बांका में भी 83.10 करोड़ की हेराफेरी उजागर

सृजन घोटाले मामले का तार भागलपुर व सहरसा के बाद बांका से भी जुड़ गया है। इधर भागलपुर में सहकारिता विभाग व सहकारिता बैंक के गिरफ्तार छः पदाधिकारियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। जबकि गिरफ्तार जिला कल्याण पदाधिकारी अरुण कुमार को निलंबित कर दिया गया है। दूसरी ओर पुलिस ने सोमवार को राष्ट्रीय रालोसपा के जिलाध्यक्ष अभिषेक वर्मा उर्फ दीपक वर्मा के सबौर स्थित घर में घंटों छापेमारी की। वही, पुलिस व इओयू की टीम बिग शॉप के मालिक किशोर कुमार के भीखनपुर स्थित निर्माणाधीन अपार्टमेंट में छापेमारी के लिए पहुंची। वहां मौजूद स्टाफ से पूछताछ की और महत्वपूर्ण कागजात जब्त कर लिए।

  • रालोद सपा के जिलाध्यक्ष घर व बिग शॉप के मालिक के अपार्टमेंट में छापे
  • जिला कल्याण पदाधिकारी अरुण कुमार निलंबित

 

अब तक की जांच में यह बात सामने आ चुकी है कि किशोर ने सृजन से दो बार 30-30 लाख रुपए और एक बार 20 लाख रुपए यानी पुल 80 लाख रुपए का लोन लिया है। सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, भागलपुर के पूर्व, वर्तमान और सेवनिर्वित छः पदाधिकारियों को जेल भेज दिया गया। एक महिला सहित पर इन पदाधिकारियों को रविवार को गिरफ्तार किया गया था। लंबी पूछ-ताछ के बाद सोमवार की शाम सभी गिरफ्तार लोगों को SSP आवाज से कोर्ट ले जाया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।