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मुफ्त वाई-फाई योजना के तहत अब बार-बार लागिंन आईडी -पासवर्ड नहीं डालना पड़ेगा

पटना : मुख्यमंत्री के 7 निश्चय में शामिल मुफ्त वाई-फाई कैंपस योजना के तहत अब छात्र छात्राओं को अब बार-बार लागिंन आईडी और पासवर्ड नहीं डालना पड़ेगा बल्कि एक बार लॉगिन करने के बाद वे अपने डिवाइस को वाई-फाई से जोड़ सकेंगे। बिहार के उपमुख्यमंत्री सह सूचना एवं प्रावैधिकी मंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज यहां कहा कि मुफ्त वाई- फाई कैंपस योजना से अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को जोड़ा जाये तथा उन्हें एक बार लागिंन के साथ ही व्हाट्सएप, फेसबुक, यूट्यूब एवं ई-कामर्स साइट के इस्तेमाल की सुविधा देने का निर्देश दिया।

अभी तक यूजर्स को मुफ्त वाई फाई की सुविधा के लिए बार-बार लॉगिन आईडी और पासवर्ड डालना पड़ता था। मगर अब एक बार लॉगिन करने के बाद वे अपने डिवाइस को जब चाहे वाई फाई से जोड़ सकेंगे। सुशील ने बताया कि मुफ्त वाई फाई कैम्पस योजना के अंतर्गत 300 कॉलेजों में वाई फाई की सुविधा उपलब्ध करा दी गयी है। जून तक जहां मात्र 20 हजार निबंधित यूजर्स थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 49 हजार हो गयी है।

वाई फाई यूजर्स महीने में 10 तथा प्रतिदिन एक जीबी तक डाटा डाउनलोड कर सकते हैं।

उपमुख्यमंत्री ने एल एंड टी के 60 इंजीनियरों को निर्देश दिया

उन्होंने बताया कि वाई-फाई की निर्बाध सुविधा के लिए सरकार गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति के मद्देनजर सोलर पैनल पर 23 करोड़ रुपये खर्च करेगी। उपमुख्यमंत्री ने एल एंड टी के 60 इंजीनियरों को निर्देश दिया कि वे कॉलेजों में कैम्प लगाकर अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को मुफ्त वाई फाई योजना के बारे में बताये और उनका निबंधन करें। भारत नेट के अन्तर्गत पंचायतों में ब्राड बैंड इंटरनेट की योजना की एक अन्य समीक्षा बैठक के बाद सुशील ने बताया कि भारत सरकार ने ग्रामीण इंटरनेट उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 10 जीबी हाई स्पीड डाटा उपलब्ध करायेगी जो सामान्य से करीब 75 प्रतिशत सस्ता होगा।

उन्होंने बताया कि पहले चरण में प्रदेश की 6105 पंचायतों में आप्टिकल फाइबर के जरिये ब्राड बैंड इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराने की योजना है। सुशील ने समीक्षा के बाद बताया कि 4699 पंचायतों में आप्टिकल फाइबर बिछाया जा चुका है। 3161 पंचायतों के पंचायत भवन में उपकरण स्थापित किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति के बाद इस योजना का शुभारंभ बिहार में कर दिया जायेगा।

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