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Wednesday, June 20, 2018

साहित्य (literature) : कविताएँ, लघु कहानियाँ एवं आलेख का संग्रह

जरा और जर्रा-जर्रा

जरा और जर्रा-जर्रा वो आकर कुछ कह गए, गिला तो तुमने फिर भी किया। सिलसिला उनकी चाहत का, तुमने कौन सा समझ लिया? वो क्या जरा सा बदले, तुमने तो...

हर मर्ज़ की दवा : पिता

हर मर्ज़ की दवा : पिता इस आधुनिक युग में हमने कुछ सीखा हो या नही पर हर दिन को एक अलग दिवस के रूप...

फादर्स डे विशेष : पिता को समर्पित कुछ कविताओं का...

फादर्स डे विशेष : पिता को समर्पित कुछ कविताओं का संकलन पिता दुनिया का ऐसा व्यक्ति हैं जो जिंदगी भर अपने परिवार के लिए मेहनत...